UPI: 0.3% चार्ज लगा तो 2500 के बिल पेमेंट पर कितना चार्ज कटेगा?
केंद्र सरकार ने अपने नए आदेश में यह साफ-साफ कह दिया है कि बैंक और सिस्टम प्रोवाइडर 2,000 रुपये तक के UPI ट्रांजैक्शन और RuPay डेबिट कार्ड से होने वाले पेमेंट पर कोई चार्ज नहीं लगा सकते. वित्त मंत्रालय के इस फैसले का सीधा मतलब यह है कि 2,000 रुपये तक के डिजिटल लेन-देन आम जनता और छोटे दुकानदारों के लिए पूरी तरह से मुफ्त रहेंगे. बैंक या PhonePe, Google Pay, Paytm जैसी कोई भी डिजिटल पेमेंट कंपनी 2,000 रुपये तक के पेमेंट पर कोई भी चार्ज नहीं वसूल सकती.
क्यों सरकार ने लिया यह फैसला?
संख्या के हिसाब से भारत में माइक्रो पेमेंट्स का दबदबा है. यानी कि चाय की टपरी, सब्जी मंडी, किराने का सामान, ऑटो का किराया जैसी रोजमर्रा की छोटी-मोटी चीजों के पेमेंट के लिए लोग अब काफी हद तक UPI पर निर्भर हो चुके है. 2025-26 टोटल पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) ट्रांजैक्शन में से 96% पेमेंट्स 2,000 रुपये से कम के हैं. यही वजह है कि सरकार ने 2,000 रुपये तक के ट्रांजैक्शन को फ्री रखा है. इस पर चार्ज लगाने से डिजिटल इंडिया की रफ्तार धीमी पड़ सकती है.
2,500 के बिल पेमेंटपर कितने कटेंगे पैसे?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार और बैंकों के बीच 1.5 करोड़ से अधिक सालाना टर्नओवर वाले बड़े कारोबारियों पर 2,000 से ऊपर के UPI ट्रांजैक्शन के लिए 0.3% से 0.5% का मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाए जाने के प्रस्ताव पर बात चल रही है. इस हिसाब से भविष्य में 2,500 रुपये के बिल पेमेंट पर कितना चार्ज कटेगा?
0.3% चार्ज के हिसाब से 2,500 रुपये के बिल पेमेंट पर कुल 7.50 पैसे का चार्ज कटेगा. हालांकि, आपको इसके लिए अपनी जेब से कोई अतिरिक्त पैसा नहीं देना होगा. आपके बैंक खाते या UPI ऐप से पूरे 2,500 ही कटेंगे. यह 7.50 रुपये का चार्ज दुकानदार के खाते से कटेगा. यानी जब ग्राहक 2,500 का पेमेंट करेगा, तो दुकानदार के बैंक खाते में चार्ज कटने के बाद 2,492.50 रुपये जमा होंगे.
